यहां है देवी की चमत्कारी मूर्ति जिससे जुड़े हैं कई रोचक तथ्य
शिला देवी मंदिर, हिंदूओं की देवी काली को समर्पित है। यह मंदिर मंदिर राजस्थान में आमेर के महल में स्थित है।
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कहते हैं राजा मान सिंह काली माता के भक्त थे। वह इस मूर्ति को बंगाल से लेकर आए थे।
इस मंदिर के निर्माण में सफेद संगमरमर का उपयोग किया गया है।
मान्यता है देवी काली अम्बेर किले की रक्षक है।
शिला देवी जयपुर के कछवाहा वंशीय राजाओं की कुल देवी रही हैं। किंवदंतियों के अनुसार मंदिर में 1972 तक पशु बलि दी जाती थी,
लेकिन जैन धर्मावलंबियों के विरोध के चलते यह बंद कर दी गई। इस मंदिर में शिला देवी की मूर्ति के बारे में कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं।
एक अन्य किंवदंती के अनुसार राजा मानसिंह ने राजा केदार की कन्या से विवाह किया और देवी की प्रतिमा को भेंट स्वरूप प्राप्त किया। लेकिन यह निश्चित है
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कि वर्तमान मूर्ति समुद्र में पड़े हुए एक शिलाखण्ड से निर्मित है और यही कारण है कि मूर्ति का नाम शिला देवी है।
तो वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार मां की मूर्ति समुद्र में पड़ी हुई थी और राजा मानसिंह इसे समुद्र में से निकालकर लाये थे।
मूर्ति शिला के रूप में ही थी और काले रंग की थी। राजा मानसिंह ने इसे आमेर लाकर विग्रह शिल्पांकित करवारकर प्रतिष्ठित करवा दिया था।










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