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Saturday, June 30, 2018

कभी सोया टेंट में, कभी मिले 500 रुपए, यूं क्रिकेटर बना ये दुकानदार का बेटा

कभी सोया टेंट में, कभी मिले 500 रुपए, यूं क्रिकेटर बना ये दुकानदार का बेटा



शमी के पिता तौसिफ अली भी अपने जमाने में फास्ट बॉलर थे। हालांकि ज्यादा चांस नहीं मिलने की वजह से उनका सपना अधूरा रह गया। 








मोहम्मद शमी ने हाल ही में (3 सितंबर) अपना 28वां बर्थडे सेलिब्रेट किया। यूपी के अमरोहा के करीब एक छोटे से गांव सहसपुर के रहने वाले शमी बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहते थे। उनके पिता भी अपने जमाने के फास्ट बॉलर रहे, जिसके बाद अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने शमी को क्रिकेट सीखने के लिए कोलकाता भेज दिया।







शमी के पिता तौसिफ अली भी अपने जमाने में फास्ट बॉलर हुआ करते थे। हालांकि ज्यादा मौके नहीं मिलने की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो सका और उन्होंने ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स की दुकान खोल ली। 
- उनके तीनों बेटे भी उन्हीं की तरह अच्छे क्रिकेटर निकले और तीनों को फास्ट बॉलिंग का शौक रहा। इनमें से बड़े बेटे ने किडनी में पथरी होने के बाद फैमिली बिजनेस संभाल लिया।
- शमी बचपन से क्रिकेट के शौकीन रहे। उन्हें गांव में जहां जगह मिलती, वहीं वे गेंदबाजी करने लग जाते। घर के आंगन में, छत पर, बाहर खाली पड़ी जगह पर, 22 गज से लंबी हर जगह उसके लिए पिच होती थी।
- शमी शुरू से ही काफी फास्ट बॉलिंग करते आ रहे हैं, उनकी रफ्तान ने बहुत कम उम्र में ही उन्हें आसपास के गाँवों में फेमस बना दिया था। वे स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों का आकर्षण होते।
- तौसिफ अली ने तीनों बेटों के बीच अपने मझले बेटे यानी शमी को सबसे ज्यादा टैलेंटेड पाया इसलिए वे उन्हें मुरादाबाद में रहने वाले बदरुद्दीन सिद्दीकी के पास लेकर गए, जो कि क्रिकेट की कोचिंग देते थे।
- बदरुद्दीन की कोचिंग में शमी को काफी फायदा तो हुआ, लेकिन यूपी के छोटे से शहर में रहकर आगे बढ़ने के ज्यादा चांस नहीं थे। करीब सालभर बाद उनके पिता ने उन्हें अच्छी तैयारी के लिए कोलकाता भेज दिया।







शमी साल 2005 में करीब 16 साल की उम्र में क्रिकेटर बनने का सपना लेकर यूपी के एक छोटे से गांव से कोलकाता पहुंचे थे। जहां उन्होंने डलहौजी एथलेटिक्स क्लब से क्रिकेट खेलना शुरू किया।
- कोलकाता पहुंचने के बाद शुरुआती दिनों में शमी के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था, जिसके बाद कई बार उन्हें डलहौजी क्लब के अंदर लगे टेंट में रातें गुजारनी पड़ीं।
- हालांकि कुछ दिनों बाद थोड़ा पैसा मिलने के बाद वे वहां के बाकी क्रिकेटर्स के साथ रूम शेयर करके रहने लगे। उस वक्त डलहौजी के लिए एक मैच खेलने पर उन्हें 500 रुपए मिलते थे।






 शमी ने नवंबर 2013 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेला था। सीरीज का ये पहला मैच था और सचिन तेंडुलकर के करियर का सेकंड लास्ट टेस्ट था।

- इस मैच की पहली ही इनिंग में शमी ने केवल 17 ओवर में 4 विकेट झटक लिए। इसके बाद दूसरी इनिंग में उन्होंने 13 ओवरों में 5 विकेट लेकर जबरदस्त डेब्यू किया था। भारत ने वो मैच एक इनिंग और 51 रन से जीता था।

- शमी अपने क्रिकेट करियर में अबतक 25 टेस्ट मैच खेलकर 86 विकेट ले चुके हैं। वहीं वनडे करियर में उन्होंने 49 मैचों में 91 विकेट लिए हैं। इसके अलावा 7 टी-20 मैचों में उनके नाम 8 विकेट दर्ज हैं।

- उन्होंने अपना डेब्यू वनडे मैच जनवरी 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 10 में से 4 ओवर मेडन डाले थे।

- शमी के अलावा उनके दो भाई और एक बहन भी हैं। उनके पिता का इसी साल जनवरी में निधन हो गया वहीं उनकी मां बेटे के साथ ही रहती हैं।









जून 2014 में शमी की शादी कोलकाता की ही रहने वाली हसीन जहां के साथ हुई है। इस कपल की एक बेटी आयरा है। जिसका जन्म जून 2015 में हुआ।




शमी बचपन से ही फास्ट बॉलर रहे हैं, अपनी रफ्तार के कारण ही काफी कम उम्र में वे आसपास के गांवों में फेमस हो गए थे।










जून 2014 में शमी की शादी कोलकाता की ही रहने वाली हसीन जहां के साथ हुई है। इस कपल की एक बेटी आयरा है।





 शमी के दो भाई और एक छोटी बहन भी है। उनके दोनों भाई भी क्रिकेटर रहे हैं। हालांकि बड़े भाई को बीमारी की वजह से बाद में पिता का बिजनेस संभालना पड़ा।




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Tuesday, May 8, 2018

दुनिया की पहली गैस से चलने वाली साइकिल, खूबी ऐसी खरीदने को चाहेगा दिल

दुनिया की पहली गैस से चलने वाली साइकिल, खूबी ऐसी खरीदने को चाहेगा दिल



दुनिया में समय-समय पर अनोखे अाविष्कार होते रहते हैं। ऐसा ही कुछ फ्रांस में हुआ है, जो खासी चर्चा बटोर रहा है। दरअसल, यहां दुनिया की पहली गैस से चलने वाली साइकिल का अाविष्कार किया गया है।







आपकी जानकारी के लिए बता दें फ्रेंच की एक स्टार्ट-अप कंपनी 'प्राग्मा इंडस्ट्रीज' ने 'हाइड्रोजन पावर्ड इलेक्ट्रिक' साइकल का निर्माण किया  है।






अगर आपको इसकी मालूम चलेगी तो आपका मन भी यही साइकिल खरीदने को कहेगा। तो आइए जानते हैं क्या है खास...







कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक साइकल का नाम 'अल्फा बाइक' रखा है। अल्फा बाइक 2 लीटर हाइड्रोजन में 62 मील यानी तकरीबन 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।






यह रेंज किसी इलेक्ट्रिक बाइक जैसी ही है। हालांकि, इसकी अच्छी बात यह है कि किसी ई-बाइक की तुलना में यह बहुत जल्दी चार्ज हो जाती है।








इतना ही नहीं, एक किलो हाइड्रोजन में एक किलो की लिथियम आयन बैटरी के मुकाबले लगभग 600 गुणा अधिक एनर्जी होती है। इन्हें बनाने वाली कंपनी री-फ्यूलिंग स्टेशंस भी बेचती है जिनके जरिए हाइड्रोजन बनाई जा सकती है।





कंपनी मिलिटरी यूज के लिए फ्यूल सेल्स बनाती है। इसलिए कहा जा रहा है इस साइकिल का निर्माण मिलिटरी यूज के लिए ही किया गया है। वहीं कंज्यूमर मार्केट के लिहाज से ये साइकल्स थोड़ी महंगी है।











दरअसल, एक हाइड्रोजन साइकल की कीमत 7,500 यूरो यानी तकरीबन 6 लाख रुपए है। भारत जैसे देश में तो यह साइकिल आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी।








वहीं कंपनी इनकी कीमत पांच हजार यूरो तक घटाने की कोशिश कर रही है। अगर ऐसा हो जाता है तो ये साइकल्स प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक्स की लाइन में शामिल हो सकेंगी।




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धोनी आखिर क्यों हैं क्रिकेट के सुपर कैप्टन

धोनी आखिर क्यों हैं क्रिकेट के सुपर कैप्टन



'अनहोनी को होनी कर दे जब खेल रहा हो धोनी।' यह जुमला अब इतनी बार सच साबित हुआ है कि अगर एमएसडी क्रीज पर हो तो हारने का तो सवाल ही नहीं होता। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी निर्विवाद तौर पर भारत के सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर में सबसे ऊपर खड़े नजर आते हैं।








इस बार आईपीएल के 11वें सीजन में 'माही फिर से मार रहा है' और इस कदर मार रहा है कि सामने वाली टीम के 200 रन भी कम काम पड़ रहे हैं।







अपने चिरपरिचित अंदाज में जब धोनी फिनिशिंग सिक्स लगाते हैं तो करोड़ों दिलों में उत्साह अपने चरम पर होता है, आप किसी भी टीम के समर्थक हो सकते हैं, लेकिन धोनी को धमाल मचाते देखने ही कुछ और है।






जब वे गगनचुंबी छक्के लगाते हैं तो आप खुद को उनके साथ जोड़ लेते हैं। छक्का लगाकर जीतना जहां धोनी की आदत बन चुकी है, वहीं धोनी भक्तों को भी इससे कम कुछ मजूंर नहीं।






चेन्नई सुपरकिंग्स की पीली जर्सी में चमकते एमएस धोनी जब खेलने उतरते हैं तो सामने कोई भी टीम हो, समर्थन धोनी को ही मिलता लगता है, मुंबई में पहले मैच में ही जब धोनी खेलने उतरे तो पूरे स्टेडियम में एक ही नाम गूंज रहा था- धोनी, धोनी, धोनी। और क्यों न गूंजे ये वे कप्तान हैं जिन्होंने भारतीय टीम के वे ख़्वाब सच कर दिखाए हैं, जो क्रिकेट के भगवान भी नहीं कर सके थे।











इसी शख्स ने सचिन तेंदुलकर को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया के कंधो पर बैठकर दुनिया के सामने क्रिकेट के महाकुंभ का खिताब जीत तिरंगा लहराने का 'हक' दिया था।







और जब स्थिति उनके मुताबिक़ नहीं रही तो उन्होंने बिना कुछ कहे-सुने कप्तानी को कह दिया गुडबॉय, कैप्टन कूल की इसी चौंकाने वाली अदा पर भी लाखों फ़िदा हैं। धोनी ने हमेशा सही समय पर सही काम कर दिखाया। उनके निर्णय क्रिकेट के बड़े-बड़े पंडितों के लिए बाउंसर रहे और उनके आलोचकों को हमेशा उन्होंने अपने बल्ले या सुपर कूल स्माइल जवाब देने वाले ने अपनी मर्जी से कप्तानी को राइट टाइम डिसीजन लेकर विदा कह दिया।










वैसे अधिकतर क्रिकेट कप्तान अपनी टीमों से लगभग हकाले गए हैं, वहीं धोनी के टेस्ट टीम से लिए संन्यास जैसे निर्णय अक्सर चौंकाने वाले ही रहे है। कुछ उन्हें किस्मत का धनी मानते हैं तो कुछ उन्हें टीम इंडिया का लकी चार्म मानते हैं और क्यों न हो रांची के इस साधारण से छोकरे ने अपनी काबिलियत से दो बार क्रिकेट की दुनिया पर फतह हासिल की है।







 हां, पिछले सीजन में पुणे से खेलते हुए उनका चिरपरिचित अंदाज नदारद रहा और टीम मैनेजमेंट और उनके मनमुटाव की खबरें भी आती रहीं, पर उन्होंने कभी खुद इस मामले पर कुछ नहीं कहा। उनका कूल अंदाज हर समय उनके साथ रहा और सबसे बड़ी बात अपने आलोचकों को अपने सुपर परफॉर्मेंस से लगातार चुप कराने वाला माही अभी भी मार रहा है वो भी जमकर।

 




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Thursday, April 26, 2018

28 गेंदों में 8 रन पर गिरे इतने विकेट, हैदराबाद ने मुंबई की 'दुनिया हिला दी'

28 गेंदों में 8 रन पर गिरे इतने विकेट, हैदराबाद ने मुंबई की 'दुनिया हिला दी'



मुंबई इंडियन्स का थीम सॉन्ग 'दुनिया हिला देंगे' मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उलट साबित हुआ। 








टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की पूरी टीम 18.4 ओवर में महज 118 रन पर ढेर हो गई।








मुंबई इंडियन्स का थीम सॉन्ग 'दुनिया हिला देंगे' मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उलट साबित हुआ। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की पूरी टीम 18.4 ओवर में महज 118 रन पर ढेर हो गई।











पहली पारी के बाद ऐसा लग रहा था कि मुंबई आसानी से लक्ष्य को हासिल कर जीत की राह पर लौट आएगी लेकिन सनराइजर्स के गेंदबाजों ने ऐसा कहर ढाया कि मुंबई की टीम 18.5 ओवर में महज 87 रन पर ढेर हो गई। मुंबई को दो बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव(34) और हार्दिक पंड्या(24) ही दो अंक के आंकड़े तक पहुंच सके। 






मुंबई ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 ओवर में 4 विकेट खोकर 73 रन बना लिए थे। एक छोर पर फॉर्म में चल रहे सूर्य कुमार यादव(32) खेल रहे थे वहीं दूसरी तरफ केरन पोलार्ड(9) थे। मुंबई को जीत के लिए 42 गेंद में 46 रन बनाने थे। मैच एक तरह से मुंबई की पकड़ में था।










लेकिन इसके बाद सनराइजर्स के कप्तान ने गेंद राशिद खान के हाथों में थमा दी। राशिद ने कप्तान को निराश नही किया और पहली ही गेंद पर पोलार्ड को स्लिप पर खड़े शिखर धवन के हाथों कैच कराकर पवेलियन वापस भेज दिया। 





इसके बाद अगले ओवर में विलियमसन ने गेंद बासिल थंपी के हाथों में थमा दी। थंपी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए ओवर की पांचवीं गेंद पर एक तरफ मोर्चा संभाले सूर्यकुमार यादव को राशिद खान के हाथों डीप स्क्वैर पर लपकवा दिया और मुंबई को परेशानी में डाल दिया। 6 विकेट गंवाने के बाद मुंबई को 30 गेंद में 42 रन बनाने थे और दो नए बल्लेबाज पिच पर थे। ऐसे में विलियमसन ने बड़ा कदम उठाते हुए गेंद राशिद की जगह सिद्धार्थ कौल के हाथों में सौंप दी। 












पारी का 16वां ओवर करने आए कौल ने दूसरी ही गेंद पर मिचेल मैक्लेघन को एलबीडब्ल्यू कर पवेलियन वापस भेज दिया। इसके बाद बैटिंग करने आए मयंक मार्कंडे भी 2 गेंद पर 1 रन बनाकर ओवर की आखिरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए। ऐसे में टीम को दबाव में देख एक बार फिर कप्तान ने गेंद राशिद के हाथों में सौंप दी। 17वें ओवर में राशिद के सामने हार्दिक जैसा विस्फोटक बल्लेबाज था लेकिन उन्होंने मेडन ओवर डालकर मुंबई को और दवाब में ला दिया। ऐसे में मुंबई के सामने जीत के लिए 18 गेंद में 39 रन बनाने की स्थिति आ गई और उसके पास केवल दो विकेट बाकी थे। ऐसे में 18वें ओवर की पहली गेंद खेलने बुमराह आए और कौल की गेंद पर लपके जाने से बच गए। इसके बाद कौल ने एक बार फिर शानदार गेंदबाजी करते हुए हार्दिक को शॉट्स खेलने का मौका नहीं दिया। चौथी गेंद पर कौल ने हार्दिक को थर्ड मैन बाउंड्री पर थंपी के हाथों कैच कराकर मुंबई के लिए मैच एक तरह से खत्म कर दिया। हार्दिक हैदराबाद की कसी हुई गेंदबाजी के आगे 19 गेंद में 3 रन बना सके।






 हैदराबाद के गेंदबाजों के सामने मुंबई के बल्लेबाजों की ये स्थिति हो गई कि वो 28 गेंद में 5 विकेट खोकर केवल 8 रन बना सके। और मैच उनके हाथ से फिसल गया। मुस्तफिजुर रहमान के रूप में बासिल थंपी ने आखिरी विकेट लेकर हैदराबाद को यादगार जीत दिला दी। इससे पहले हैदराबाद वानखेड़े में मुंबई से कोई मैच नहीं जीत सका था। 



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यहां करें Visit, गर्मी और गम दोनों को जाएंगे भूल

 यहां करें Visit, गर्मी और गम दोनों को जाएंगे भूल







बिजी लाइफ से थोड़ा सा समय निकाल कर कहीं घूम-फिर आना कोई बड़ी बात नहीं है. मजा तो तब आता है जब आप वीकेंड पर जाने का प्लान किसी ऐसी जहां पर बनाएं, जहां सुकून के साथ-साथ कई खूबसूरत जगहें देखने को मिलें. गर्मियों शुरू होते है, 











लोग घूमने का प्लान बनाने लगते है. अगर आप भी किसी समर स्पैशल जगह की तलाश कर रहे है तो आज हम आपको फिनलैंड के बारे में बताएंगे, जो गर्मियों में घूमने के लिए बैस्ट प्लेस है, जहां आपको कई खूबसूरत नजारें देखने को मिलेंगे.                  

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संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ की वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट के मुताबिक 156 देशों की लिस्‍ट में फिनलैंड के लोग सबसे ज्यादा खुश रहते है. अगर इस देश के वातावरण की बात करें तो यहां का मौसम और लोगों का लाइफस्टाइल काफी मशहूर है. इस जगह की एक और खास बात है कि यहां दिन के मुकाबले रात ज्यादा होती है. 










यह देश बहुत ही ठंडा है. इसलिए गर्मियों में घूमने के लिए यह जगह काफी अच्छी है. इस देश में आकर आप गम और गर्मी दोनो ही भूल जाएंगे.










 महिलाओं का है एक आईलैंड


फिनलैंड में ऐसा आईलैंड है, जहां पर केवल महिलाएं ही घूम सकती है. अगर आप भी अकेले घूमने जा रही है तो यह आपके लिए बैस्ट प्लेस है. यहां आइलैंड महिलाओं को रिलैक्स देने के लिए बना है. यहां महिलाओं के लिए कई रिजॉर्ट,स्पा अन्य अदि कई सुविधाएं है, लेकिन यहां रहने के लिए आपको एक ऑनलाइन इंटरव्‍यू देना होगा, तभी आप यहां रहने के लिए रूम बुका करवा सकते है. 







फिनलैंड में लैपलैंड 


यह फिनलैंड ही ठंडी जगह है और यहां ज्‍यादातर समय रात रहती हैं. आप यहां मार्च से जून तक घूम सकते है क्योंकि यहां मौसम ठंडा और हर वक्त उजाला रहता है. यहां साल में 200 रातों तक रंग-बिरंगा प्रकाश (पोलर लाइट) दिखाई देती है, जिसके नजारा देखने वाला होता है.






लगभग 2 लाख झीलें


फिनलैंड में आपको कई छोटी-बड़ी झीलें देखने को मिलेंगे, जो करीब 2 लाख झील हैं. इन झीलों में आप बोटिंग का मजा ले सकती हैं.












हैल्सिलन्की 


हैल्सिलन्की फिनलैंड की राजधानी है, 







जिसे ब्लू सिटी भी कहा जाता है, यहां सबसे ज्‍यादा झीलें हैं, 









तभी इसे ब्लू सिटी का नाम दिया गया. 




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