इस मंदिर की मूर्तियों से आती है ठंडी हवा
जिन महीनों में भयानक गर्मी से पूरा भारत बेहाल होता है, उस दौरान वह जगह ठंडी होती जाती है.
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देशभर में जैसे-जैसे गर्मी के बढ़ती जाती वहीं उस जगह में ठंडक का स्तर बढ़ने लगता है. इस बढ़ती हुई ठंडक की वजह कोई AC या कूलर नहीं है.
यह जगह ओडीशा के टिटलागढ़ में एक चमत्कारी शिव मंदिर है. देशभर में टिटलागढ़ भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है. यहां कुम्हड़ा पहाड़ की पथरीली चट्टानों के कारण तापमान बहुत ज्यादा रहता है.
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इस पहाड़ की ऊंचाई पर टेम्प्रेचर 55 डिग्री तक पहुंचता है. इतनी गर्मी पड़ने के बावजूद कुम्हड़ा पहाड़ के एक हिस्से में ऐसा मंदिर भी है जहां बेहद ठंडक रहती है.
बाहर की चिलचिलाती गर्मी से जैसे ही आप मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे तो आपको AC जैसी कूलिंग का एहसास होगा,
जबकि यहां कोई AC या कूलर नहीं लगा है. बाहर जितनी गर्मी होती है अंदर उतना ठंडा रहता है
इस चमत्कारी मंदिर में भगवना शिव और मां पार्वती की मूर्ति है. ऐसा माना जाता है कि इन मूर्तियों से ही ठंडी हवा आती है,
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जो यहां के वातावरण को गर्म नहीं रहने देती है.
जब मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं तो इन हवाओं से अंदर बहुत ठंडक हो जाती है. कई बार यहां इतनी ठंड बढ़ जाती है कि पुजारियों को कंबल ओढ़ना पड़ता है
वहीं मंदिर के बाहर इतनी गर्मी होती है कि 5 मिनट में आप पसीने से पूरी तरह तर हो जाएं और हो सकता है कि लू लग जाए. गर्मी में भी इस मंदिर में ठंडक बने रहने के चमत्कार के रहस्य का सही कारण अभी तक कोई नहीं जान पाया है.









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