इस मंदिर में रहस्यमय तरीके से बढ़ रहा है, नंदी का आकार
आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले में स्थित यागंती उमा महेश्वर मंदिर एक अद्भूत मंदिर है. इस मंदिर में मौजूद नंदी महाराज की प्रतिमा लगातार रहस्यमय तरीके से बड़ रही है.
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हालाँकि एसा क्यों हो रहा है, इसके लिए पुरातव विभाग की टीम शोध भी कर रही है, इस मंदिर में मौजूद प्रतिमा के विशाल होने के पीछे लोगों का मानना है,
कि कलयूग के अंत में नंदी जीवित हो जायेंगे, पहले कहा जाता है कि इस यागंती उमा महेश्वर मंदिर में आनेवाले भक्त पहले नंदी की परिक्रमा आसानी से कर लेते थे लेकिन लगातार बढ़ते आकार के चलते अब यहां परिक्रमा करना संभव नहीं है.
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इस मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में किया गया था. संगमा राजवंश राजा हरिहर बुक्का ने इस मंदिर को बनवाया था.
कहा जाता है ऋषि अगस्त्य इस स्थान पर भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनाना चाहते थे पर मंदिर में मूर्ति की स्थापना के समय मूर्ति के पैर के अंगूठे का नाखून टूट गया
इस घटना की वजह जानने के लिए अगस्त्य ने भगवान शिव की तपस्या की. उसके बाद भगवान शिव के आशीर्वाद से अगस्त्य ऋषि ने उमा महेश्वर और नंदी की स्थापना की थी.
इस यागंती उमा महेश्वर मंदिर परिसर में एक छोटा सा तालाब है जिसे पुष्करिणी कहा जाता है.
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इस पुष्करिणी में लगातार नंदी के मुख से जल गिरता रहता है.लेकिन ये रहस्य आज भी बना हुआ है,
कि पुष्करिणी में पानी कैसे आता है. ऐसी मान्यता है की ऋषि अगस्त्य ने पुष्करिणी में नहाकर ही भगवान शिव की आराधना की थी.









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